यूपी: पहला कोरोना कलेक्शन बूथ शुरू, अब सैंपल लेने के लिए नहीं पहननी होगी पीपीई किट

 


यूपी: पहला कोरोना कलेक्शन बूथ शुरू, अब सैंपल लेने के लिए नहीं पहननी होगी पीपीई किट



सार



  • कोरोना वायरस टेस्ट बूथ पर करा सकेंगे जांच 

  • मंगलवार को शुरू किया गया सेंटर 

  • प्रशासन एवं ‘आरंभ एक पहल’ एनजीओ की सहायता से इस बूथ की व्यवस्था की गई



 

विस्तार


गाजियाबाद के संयुक्त अस्पताल में मंगलवार को यूपी के पहले कोरोना सैंपल कलेक्शन बूथ का उद्घाटन किया गया। इस बूथ की खास बात यह है कि कोरोना के संदिग्ध मरीज का सैंपल लैब टेक्नीशियन बिना किसी पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट) किट पहने भी ले सकेंगे और किसी भी तरह से संक्रमित होने का डर नहीं होगा।
 

मंगलवार को गाजियाबाद के संजय नगर सेक्टर-23 स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में कलेक्शन बूथ का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल ने किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं ‘आरंभ एक पहल’ एनजीओ की सहायता से इस बूथ की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि यह यूपी का पहला कलेक्शन बूथ होगा, जिसमें आसानी से कोरोना के संदिग्ध मरीज का सैंपल लिया जाएगा। इसमें सैंपल लेते समय बार-बार पीपीई किट बदलने की जरूरत नहीं होगी।

यहां तक कि पीपीई किट के बिना भी सैंपल लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कम मात्रा में पीपीई किट मिलने की दशा में यह एक कारगर कदम है। अभी तक प्रत्येक मरीज का सैंपल लेने के दौरान लैब टेक्नीशियन को पीपीई किट पहननी पड़ती थी।


 


मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल ने ये भी बताया कि सैंपल लेने में पीपीई किट का ज्यादा प्रयोग होता था, लेकिन कलेक्शन बूथ स्थापित किए जाने से मरीजों के सैंपल भी जल्द से जल्द लिए जा सकेंगे।

स्वास्थ्य विभाग की मानें तो पूर्व में जिला एमएमजी अस्पताल एवं संयुक्त अस्पताल में प्रतिदिन 8 से 10 सैंपल लिए जाते थे। सीएमएस डॉ. नरेश विज ने बताया कि कोविड-19 लेवल-2 अस्पताल में तब्दील करने के साथ ही यहां कोविड-19 सैंपल कलेक्शन बूथ प्रशासन द्वारा बनाया गया है।

इस बूथ पर सुबह 8 से शाम 5 बजे तक सैंपल लिए जा सकेंगे। विदेश या अन्य राज्य से आने वालों के सैंपल लेने के साथ ही किसी में लक्षण पाए जाने पर चिकित्सक की सलाह पर भी सैंपल लिए जाएंगे।

इस तरह लिया जाएगा सैंपल
एल्युमिनियम एवं ग्लास से बनाए गए बूथ में लैब टेक्नीशियन मौजूद रहेगा। जबकि बाहर संदिग्ध मरीज खड़ा होगा। बूथ के एक तरफ 2 बड़े छेद बनाए गए हैं, जिसमें न्यूपरिन रबर के बने ग्लब्स लगे होंगे, जिन्हें पहन कर लैब टेक्नीशियन मरीज का सैंपल लेगा।